Bihar Politics: पीएम मोदी से डायरेक्ट कनेक्शन वाले भीखूभाई दलसानिया ने संभाला कार्य भार, जानें सियासी असर

पटना. बिहार भाजपा संगठन की जिम्मेदारी मिलने के बाद भीखूभाई दलसानिया  (Bhikhubhai Dalsania) पहली बार पटना पहुंचे. शुक्रवार को उनके पटना पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली. माना जा रहा है कि उनके बिहार में सक्रिय रहने के बाद प्रदेश भाजपा के नेताओं का संपर्क अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime minister Narendra Modi) से होता रहेगा. बता दें कि दलसानिया को पीएम मोदी (PM Modi) के भरोसेमंद सहयोगियों के रूप में जाना जाता है. दरअसल भीखूभाई ने पार्टी के महासचिव के रूप में गुजरात में लगभग दो दशक तक सेवा की थी इस कारण भी पीएम मोदी से उनके प्रगाढ़ संबंध हैं. बिहार भाजपा में दलसानिया को संगठन महामंत्री बनाया गया है.

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी संगठनकर्ता के रूप में भीखूभाई के लंबे कार्यकाल का अनुभव रहने के कारण पार्टी ने बिहार में पंचायत चुनाव से ठीक पहले सोच समझकर उन्हें ये जिम्मेदारी दी है. दरअसल भीखूभाई राजनीति के कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं. गुजरात भाजपा को शहर से लेकर गांव और घर-घर तक विस्तार करने में बतौर संगठन महामंत्री भिखूभाई की अहम भूमिका रही है. भीखूभाई की इन खूबियों का गुजरात बीजेपी को काफी फायदा मिला. पार्टी अनुशासित रही, और लगातार शानदार प्रदर्शन करती रही. भीखूभाई की इन खूबियों का फायदा बिहार बीजेपी को मिलेगा.

 

सुर्खियों से दूर रहते हैं भीखूभाई
बता दें कि भीखूभाई दलसानिया आमतौर पर सुर्खियों में नहीं रहना चाहते हैं. वह पार्टी के सबसे पुराने आरएसएस सदस्य हैं और एक अच्छे नीति निर्माता माने जाते हैं. जानकारों की राय है कि भीखूभाई दलसानिया को बिहार बीजेपी (Bihar BJP) के महासचिव पद की जिम्मेदारी मिलने से बिहार बीजेपी को बड़ा फायदा मिलेगा. बिहार में पार्टी मजबूत होगी और आने वाले चुनावों में एनडीए का प्रदर्शन और भी शानदार होने की उम्मीद की जा सकती है.

 

बिहार भाजपा में ये चुनौतियां
बिहार के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा बिहार में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करना चाहती है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि गुजरात से ज्यादा बिहार में भाजपा के विस्तार को लेकर चुनौतियां हैं. यही कारण है कि गुजरात की तरह मजबूत कैडर बनाने और अगले लोकसभा चुनावों के लिए बिहार में पार्टी संगठन को तराशने की जुगत में अभी से जुट गई है. भाजपा इन्हीं तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर भिखूभाई को नए टास्क के साथ पटना भेजा है.

 

पीएम मोदी से डायरेक्ट टच
राजनीति के जानकारों का मानना है कि बिहार भाजपा में गुटबाजी चरम पर है, ऐसे में एक निष्पक्ष और बेदाग छवि को संगठन का प्रभार देने के पीछे भाजपा नेतृत्व का उद्देश्य यही है कि आम से लेकर खास लोगों की पहुंच भीखूभाई तक सहज रहेगी. इससे भी अधिक यह कि भीखूभाई जितने आरएसएस से जुड़े हैं उतने ही बीजेपी के नेताओं से उनका करीब का नाता है. पीएम मोदी और अमित शाह के वह डायरेक्ट टच में रहने वाले नेता हैं. ऐसे में बिहार भाजपा के लिए उनका आना पार्टी के सांगठनिक ढांचे में भी बड़ा बदलाव ला सकता है.

 

भीखूभाई की राजनीतिक यात्रा
बता दें कि भीखूभाई गुजरात के सौराष्ट्र इलाके के जामनगर के निवासी हैं. पाटीदार समुदाय से आने वाले भीखूभाई RSS की विचारधारा को गहराई से मानने वाले हैं. उन्होंने 1997 में बीजेपी जॉइन किया था. कार्यकर्ता से लेकर गुजरात के संगठन महामंत्री जैसे अहम पदों को संभाल चुके हैं. भीखूभाई दलसानिया 2005 से 2021 तक गुजरात बीजेपी के महासचिव रहे. 2014 के लोकसभा, 2017 के विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई. भीखूभाई आरएसएस और बीजेपी के बीच कड़ी की भूमिका निभाते रहे हैं. सबसे खास यह कि पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद कोई चुनाव नहीं लड़ा.

 

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Source: News18 Bihar

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