अग्निपथ योजना का विरोध: बिहार के जहानाबाद में छात्रों ने ट्रेन रोकी, नवादा-अरवल में सड़क जाम व आगजनी

सेना में 4 साल के लिए भर्ती वाली ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर युवाओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है. देश में कई जगहों पर युवाओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है. बिहार में बुधवार को भी छात्रों का बवाल जारी रहा. सुबह से ही छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखा तो वहीं कई छात्र रेल ट्रैक पर जमे रहे. इसी सिलसिले में जहानाबाद में भी विरोध प्रदर्शन हुआ. सबसे पहले आक्रोशित युवाओं ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और 1PG ट्रेन को रोक दिया. 2 घंटे से रेलवे ट्रैक को अभ्यर्थियों ने जाम कर दिया.

 

एसडीओ समेत कई पदाधिकारी स्टेशन के पास मौके पर पहुंचे पर छात्र जाम हटाने को तैयार नहीं हए और रेलवे ट्रैक पर ही प्रैक्टिस शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और कई लोगों को चोटें भी लगी हैं. उग्र छात्रों को बाद में पुलिस ने खदेड़ दिया. इसके साथ ही युवाओं ने काको मोड़ के पास एनएच 83 और 110 हाईवे को जाम कर दिया. इस व्यस्त राजमार्ग को जाम किए जाने से पटना और नालंदा दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. काको मोड़ के पास आगजनी भी की गई.

नवादा में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया

कमोबेश यही हाल नवादा शहर भी रहा. यहां के प्रजातंत्र चौक को प्रदर्शनकारी छात्रों ने जाम कर दिया.
हजारों की संख्या में छात्र मौके पर जुट गए. मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम, एसडीपीओ, नगर थाना और भारी संख्या में पुलिस के जवानों ने छात्रों को समझाने की भरसक कोशिश की पर छात्रों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा. प्रदर्शनकारी छात्र नवादा स्टेशन पहुंच कर अप और डाउन दोनों रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. छात्रों का लगातार विरोध जारी है और वे वे टीओडी को वापस लेने की कर रहे हैं.

 

अरवल, छपरा, बांका व बक्सर में प्रोटेस्ट

इसी तरह अरवल में भी सेना बहाली के अग्निपथ नियमों का विरोध कर रहे यवाओं ने सड़क जाम कर दिया.NH-110 पर व किंजर बाजार में छात्रों ने विरोध में आगजनी की और सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए सरकार द्वारा घोषित ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेने की मांग की. छपरा, सीवान, बक्सर व बांका से भी छात्रों के उग्र प्रदर्शन की खबरें सामने आईं.

 

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भारतीय युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा देने के लिए अग्निपथ भर्ती योजना को मंजूरी दी थी. योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिकों को सशस्त्र बलों में ‘अग्निवीर’ के रूप में शामिल किया जाएगा.

 

दरअसल, ‘अग्निपथ’ मॉडल के तहत चार साल के लिए सेना, वायुसेना और नौसेना में अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों की भर्ती की जाएगी. भर्ती के बाद रंगरूटों को छह महीने तक प्रशिक्षण दिया जाएगा. युवाओं को सिर्फ चार के लिए भर्ती किए जाने पर आपत्ति है.

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