पत्‍नी की बेवफाई से आहत अब्‍दुल्‍ला बना उमेश, पढ़ें मुसलमान से हिंदू बनने की पूरी कहानी

बिहार के समस्‍तीपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां एक मुस्लिम शख्‍स ने इस्‍लाम धर्म छोड़ कर सनातन धर्म अपना लिया. मोहम्‍मद इजरायल उर्फ अब्‍दुल्‍ला का अब नया नाम उमेश कुमार है. इस्‍लाम छोड़ कर हिन्‍दू धर्म अपनाने वाले उमेश ने बताया कि वह पत्‍नी की बेवफाई से काफी आहत हैं. उन्‍होंने बताया कि वह जिस पत्‍नी पर 15 वर्षों तक विश्‍वास किया, उसने ही उन्‍हें धोखा दे दिया. अब्‍दुल्‍ला से उमेश बने शख्‍स ने बताया कि उनकी पत्‍नी का गांव के ही मोहम्‍मद रियाज से अवैध संबंध था. उन्‍होंने बताया कि एक बार उन्‍होंने अपनी पत्‍नी को रियाज के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया था. उन्‍होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्‍नी ने रियाज को बचाने का प्रयास किया था.

 

अब्‍दुल्‍ला से उमेश बने शख्‍स ने बताया कि इस मसले को लेकर जब वह समाज के लोगों के पास गए तो उन्‍होंने इस बात को ही दबाने की बात कह डाली. इससे उन्‍हें गहरा आघात लगा. इसके बाद ही उन्‍होंने इस्‍लाम धर्म छोड़ने का विचार बना लिया था. सनातन धर्म अपनाने वाले शख्‍स ने बताया कि उनकी पत्‍नी के साथ अवैध संबंध बनाने वाले रियाज ने उन्‍हें जाने से मारने की भी धमकी दी थी. उमेश का कहना है कि इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उनका साथ नहीं दिया. उलटे बात को दबाने को कहा.

 

‘इस्‍लाम से मोह भंग’

अब्‍दुल्‍ला से उमेश बने शख्‍स ने बताया कि पत्नी पर वह 15 साल तक विश्वास किया, उसी ने विश्वासघात किया. वह बताते हैं कि रियाज पर कार्रवाई करने के वजाय उन्‍हें ही दोषी ठहरा दिया. उन्‍होंने आरोप लगाया कि रियाज द्वारा कई बार उन्‍हें मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई. पत्नी के विश्वासघात और समाज के बरताव से आहत हो कर इस्लाम से उनका मोह भंग हो गया. बिना किसी दवाव में वह सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया. इसको लेकर उन्‍होंने कोर्ट से शपथ पत्र भी बनवाया है.

 

हिंदू से इस्‍लाम फिर मुसलमान से हिंदू बनने की कहानी

समस्तीपुर सदर अनुमंडल क्षेत्र के ताजपुर थाना इलाके के भेरोखरा गांव में इस्लाम धर्म से सनातन धर्म को अपना कर घर वापसी करने वाले उमेश कुमार ने खुलकर अपनी बात रखी. उमेश ने 15 साल पहले इस्लाम धर्म स्वीकार किया था. उन्‍होंने बताया कि वर्ष 2004 में उनके अधिकांश मित्र मुस्लिम संप्रदाय से थे. उमेश चिकित्सक भी हैं और ताजपुर के ही महुआ चौक पर इनकी दवा की दुकान और डिस्पेंसरी भी है. उसी दौरान धीरे-धीरे वह उनके साथ हो गए. उस वक्त उन लोगों के द्वारा यह कहा गया था कि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी. उमेश बताते हैं कि इन्हें यह यकीन नहीं था कि आगे चलकर इनके साथ ऐसा सलूक किया जाएगा. इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद उमेश का नाम मोहम्मद इसराइल उर्फ अब्दुल्ला हो गया था. इसके 2 साल बाद उन्होंने निकाह किया था, जिससे उन्हें 5 बच्चे भी हैं. उन्‍होंने बताया कि उनके पास जो कुछ भी वह खुद का अर्जित किया हुआ है.

 

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Source : News18

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