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बड़ी दिलचस्प है बिहार की बेटी ‘ग्रेजुएट चाय वाली’ की कहानी, पीना पड़ेगा दुकान पर लिखा, लेकिन क्यों?

आज की बेटी हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल रही है। हर तरफ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की गूंज सुनाई देती है, कहीं मजबूत भारत बेटी बचाओ अभियान में तो कहीं बेटियां देशभक्ति की धुन बजाकर समाज में राष्ट्रीय प्रेम का संगीत रच रही हैं. पुराने जमाने में लोग बेटियों को बोझ समझते थे। कई परिवारों में तो बेटी के जन्म से ही मातम छा जाता था लेकिन आज हम आपको एक ऐसी बेटी की कहानी से रूबरू करा रहे हैं। जो कभी किसी काम को छोटा नहीं समझते थे। पटना वीमेंस कॉलेज के आस-पास चाय की दुकान चलाते हुए एक लड़की को देखें तो हैरान न हों. दरअसल, 24 साल की प्रियंका गुप्ता कोई आम चाय बेचने वाली नहीं, बल्कि ग्रेजुएट चाय बेचने वाली हैं। प्रियंका ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। पूर्णिया की रहने वाली प्रियंका गुप्ता इन दिनों पटना महिला कॉलेज के पास चाय की दुकान लगाकर चाय बेचती हैं. जानिए क्या है इस काम को करने का मकसद।

 

प्रतियोगी परीक्षा में नहीं मिली सफलता

प्रियंका हर काम बहुत मेहनत और लगन से करती हैं, लेकिन प्रियंका पिछले 2 साल से लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं दे रही हैं, जिसमें बैंक की प्रतियोगी परीक्षा भी शामिल है. लेकिन वह परीक्षा में पास नहीं हो पा रही है।

उन्होंने अपने घर लौटने के बजाय पटना में ही चाय की दुकान लगाकर रोजी रोटी करने की सोची। प्रियंका ने कहा की पहले तो मैंने सोचा कि लोग सुनेंगे तो क्या कहेंगे, लेकिन बिना किसी की परवाह किए उन्होंने अपने मन की सुनी और आज वे अपने काम में जुट गए। हाल ही में 11 अप्रैल को प्रियंका ने चाय बेचना शुरू किया। कर लिया है। प्रियंका का कहना है कि अर्थशास्त्र में स्नातक होने के बावजूद उन्हें पटना में चाय की दुकान खोलने में कोई शर्म नहीं है. वह मानती हैं कि कोई काम नहीं छोड़ना महान है। हमें शादी करनी चाहिए। अपनी लगन और मेहनत से हम छोटे-छोटे कामों को बड़ी ऊंचाई तक ले जा सकते हैं।

 

मिलती है कई प्रकार की चाय

अगर आप प्रियंका की चाय दुकान पर पहुंचेंगे तो आपको विभिन्न किस्मों की चाय का लुफ्त उठाने का मौका मिलेगा। वो भी इतने कम पैसों में। जैसे कि कुल्हड़ चाय, मसाला चाय, पान चाय और सबसे खास चॉकलेट चाय यंहा की मुख्य है। सबसे अच्छी बात है कि प्रियंका की चाय दुकान ‘Graduate Chaiwali’ में एक कप चाय की कीमत 15 रु से स्टार्ट होकर 20 रुपए में समाप्त हो जाती है। कॉलेज छात्रों का समूह प्रियंका की चाय दुकान पर लगातार दिखाई देता है। वो बताती हैं कि अब अपनी इस चाय की दुकान को एक बड़े कारोबार में बदलने के प्रयास में लगी हुई है।

 

आदर्श मानती है MBA चाय वाला’ के नाम से प्रसिद्ध प्रफुल को

अपने जीवन में आदर्शो और नैतिकता की चादर ओढ़कर अपने जीवन को सार्थक करते हुए कई व्यक्तियो को भी देखा है और ऐसे लोगों को भी देखा है जिनका मानना है कि आदर्श और नैतिकता से हम सबसे सफल इंसान बन सकते है। अगर हमको रास्ता दिखाने वाला सही है तो।

सबसे खास बात यह है कि प्रियंका अहमदाबाद में चाय की दुकान चलाने वाले प्रफुल्ल बिलोर को अपना आदर्श मानती हैं। ये वही प्रफुल हैं, जिन्होंने MBA करने के बावजूद भी चाय की दुकान की स्टार्टिंग की और आज उनकी चाय की दुकान एक बड़े और सफल कारोबार में बदल चुकी है।

अपने ग्राहकों को चाय की दुकान तक लाने के लिए प्रियंका भी प्रफुल्ल बिल्हौर के जैसे ही दिलचस्प पंचलाइन का उपयोग करती है। जो उनको सबसे अलग बताता है उनकी यही खास बात सबको आकर्षित कर रही है जैसे “पीना ही पड़ेगा” और “सोच मत, चालू कर दे बस”।-

प्रियंका बताती हैं, “मैं प्रफुल्ल बिलोर को अपना आदर्श मानती हूं। उनकी Video देख कर के मैं प्रेरणा लेती थी। जिसके बाद मैंने पटना में चाय की दुकान लगाने का विचार किया।” प्रियंका के पिता प्रभाकर प्रसाद गुप्ता उर्फ जानी की किराने की दुकान पूर्णिया जिले के बनमनखी में है।

जब भी गांव जाने का मौका मिलता है, तो पिता के साथ दुकान पर जाती और काम को समझने का प्रयास करती। बिजनेस का माहौल बचपन से ही घर में देखा था। इसलिए इस काम को करने में ज्यादा कठिनाई नही हुई।

 

कम खर्च में मुनाफा ज्यादा

चाय बेचने का कार्य कम लागत में अच्छा फायदा देता है। कालेज के सामने सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक दुकान लगती है, जिससे उनको प्रतिदिन 12-15 सौ रुपये की कमाई हो जाती हैं। उनका विचार आने वाले दिनों में वे श्रीकृष्ण पुरी पार्क में शाम के समय चाय की दुकान लगाने का है।

अगर हम में किसी भी काम को करने की लगन और जुनून है, तो सफल होने से कोई नही रोक सकता। किसी भी काम को करने में मुश्किल तो आती है, लेकिन हर परिस्थितियों का सामना करना हमसे आना चाहिए। कठिन परिस्थितिया ही हमको मजबूत बनाती है।

Nikhil Pratap
Nikhil Prataphttps://bestresearch.in/
Nikhil Pratap is Editor Head of Best Research. He is Administrative Director who leads the Technology team at bestresearch.in. He is also media advisor at bestresearch.in. Contact: nikhil@bestresearch.in
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