बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो कौन होगा CM? क्‍या लालू-नीतीश के बीच सोनिया गांधी करेंगी मध्यस्थता

बिहार में चल रहे सियासी खेल के बीच एनडीए सरकार (NDA Government) में कभी भी टूट होने और महागठबंधन की सरकार बनने की अटकलें तेज हो गई हैं. इन सबके बीच सवाल उठता है कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? क्या राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नाम पर किसी तरह का समझौता करने को राजी हो जाएगा या फिर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ही महागठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो आखिरकार इसके लिए पहल कौन करेगा? सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार तेजस्वी यादव को लेकर राबड़ी देवी (Rabri Devi) अब किसी भी समझौते के मूड में नहीं हैं.

वहीं, लालू यादव को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के लिए राजी करना भी एक मुद्दा बन गया है. आरजेडी के अंदर भी इस मुद्दे पर एक राय नहीं है. सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर पार्टी एकमत नहीं है. इन सबके बीच लालू यादव को मनाने की कोशिशें जारी हैं. एक ऐसा फॉर्मूला सब तलाश रहे हैं जिसमें नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना दिया जाए और तेजस्वी यादव को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए. सूत्रों की मानें तो लालू परिवार और आरजेडी में अलग-अलग मत है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने पार्टी के विधायकों को पटना बुलाए जाने के मामले में स्थिति स्पष्ट किया है.

 

जगदानंद सिंह ने कहा कि विधायकों के पटना बुलाने को सत्ता परिवर्तन से जोड़ना मीडिया की कयासबाजी है. उन्होंने कहा कि आरजेडी विधायकों से लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सलाह मशवरा किया जाना है. प्रदेश आरजेडी अध्यक्ष ने कहा कि दो बैठकें पहले इस संबंध में हो चुकी हैं, और तीसरी बैठक नौ अगस्त को इसलिए रखा गया है ताकि मोहर्रम के पूर्व इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सके.

 

जगदानंद सिंह की मानें तो तेजस्वी यादव में नेतृत्व का बड़ा गुण है और वो अगले कई वर्षों तक बिहार का नेतृत्व कर सकते हैं. उन्होंने पहले भी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाए जाने की वकालत की है. जगदानंद जैसे लोग मानते हैं कि अगर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाए तो जेडीयू के सहयोग से सरकार बनाई जा सकती है. सूत्र इस बात की जानकारी देते हैं कि राबड़ी देवी इस बात पर अड़ गई हैं कि महागठबंधन की सरकार में तेजस्वी यादव ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे.

 

RJD को नीतीश कुमार के नाम पर राजी करना टेढ़ी खीर

आरजेडी में तेजस्वी यादव के लगातार बढ़ते कद को देखते हुए पार्टी को नीतीश कुमार के नाम पर राजी करना टेढ़ी खीर है. इसके लिए लालू यादव को मनाने की जिम्मेदारी सोनिया गांधी को देने की कोशिश जारी है. दरअसल लालू यादव सोनिया गांधी की बात टाल नहीं सकेंगे. इस तरह की संभावना जताई जा रही है कि सोनिया गांधी के नीतीश कुमार से भी अच्छे संबंध है.

 

सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार ने सोनिया गांधी से फोन पर बातचीत की है. ऐसे में अगर बिहार में एनडीए गठबंधन टूटता है तो महागठबंधन की सरकार के गठन में सोनिया गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. नीतीश कुमार की महागठबंधन के मुख्यमंत्री के तौर पर दावेदारी इसलिए भी मजबूत है क्योंकि उनका चेहरा राष्ट्रीय है और वो धर्मनिरपेक्ष छवि के नेता माने जाते रहे हैं.

 

Source:- News18

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