बोले मुख्यमंत्री नितीश कुमार ‘मेरे क्लास में एक भी लड़की नहीं थी, बड़ा ख़राब लगता था’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा है कि जब वह इंजीनियरिंग में पढ़ते थे, तब क्लास में एक भी लड़की नहीं होती (Nitish Kumar On Girl In Engineering College) थी। यह बड़ा खराब लगता था। अगर कोई महिला आ जाती थी तो देखने के लिए पूरी भीड़ लग जाती था। लेकिन अब उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग में भी महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व की है, ताकि प्रदेश की बेटियां हर तरह की उच्च शिक्षा में आगे बढ़ सके।

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मगध महिला कॉलेज के 504 बेड के जी प्लस 7 की तर्ज पर बने महिला छात्रावास का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संबोधन के दौरान यह बातें कही। आपको बता दें कि यह छात्रावास राज्य के सरकारी कॉलेजों में अब तक का सबसे बड़ा छात्रावास है और इसे बनाने में 31.8 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यीशु हॉस्टल में दो साउंडप्रूफ सेमिनार हॉल एक मल्टीमीडिया लैब जिसमें रिकॉर्डिंग स्टूडियो का सेटअप के साथ-साथ प्रीफैब लैब भी है।

छात्रावास की खासियत

इस छात्रावास के हर फ्लोर पर अट्ठारह कमरे 16 वॉशरूम और 12 स्नानघर हैं और एक कमरे में तीन छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इसके साथ ही हॉस्टल में जिम इनडोर गेम्स जैसे टेबल टेनिस कैरम की भी सुविधा है। इस हॉस्टल में डाइनिंग हॉल कॉफी शॉप और कैंटीन भी उपलब्ध है।

 

साथ ही साथ प्रत्येक फ्लोर पर एक कॉमन रूम और वाशिंग मशीन भी उपलब्ध किया गया है। ”महिलाओं के विकास के क्षेत्र में काफी काम किया है। महिलाओं के विकास के लिए जीविका समूह का उन्होंने गठन किया। जब यह समूह का गठन किया तो केंद्र ने इसे स्टडी के लिए भेजा और उसके बाद केंद्र ने आजीविका समूह तैयार किया।

उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़े इसके लिए वह काम कर रहे हैं और इंजीनियरिंग हो या मेडिकल हो सभी कोर्सेज में महिलाओं के लिए प्रदेश में सीटें आरक्षित की गई हैं। वह समाज सुधार के कार्यक्रम पर निकले हुए हैं और इसमें महिलाओं का सशक्तिकरण सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए वह शुरू से काम करते आ रहे हैं।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

 

CM ने प्रोत्साहन राशि का किया जिक्र

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी अधिक हो इसके लिए वह सरकार के स्तर से लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में इस सरकार में सात निश्चय पार्ट टू के तहत निर्णय लिया है कि इंटरमीडिएट करने वाली छात्राओं को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि और रिजल्ट होने पर ₹50,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि छात्राओं को दी जाएगी।

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