Good News: बिहार के नवनियुक्‍त 42000 शिक्षकों का इंतजार खत्‍म, नीतीश सरकार करेगी बकाए वेतन का भुगतान

वेतन भुगतान का इंतजार कर रहे बिहार के हजारों शिक्षकों के लिए अच्‍छी खबर है. नीतीश सरकार ने तकरीबन 42000 नवनियुक्‍त शिक्षकों के बकाए वेतन का भुगतान करने की घोषणा की है. छठे चरण के तहत नियुक्‍त हजारों की तादाद में शिक्षक महीनों से वेतन भुगतान का इंतजार कर रहे हैं. अब जाकर प्रदेश सरकार ने उनके वेतन भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया है. बिहार के नवनियुक्‍त हजारों शिक्षकों के इंतजार को खत्‍म करते हुए सरकार ने बकाया सैलरी देने का निर्णय लिया है. बता दें कि महीनों से वेतन का भुगतान नहीं होने से शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. सरकार से कई बार सैलरी देने की मांग की जा चुकी थी. अब जाकर उनका इंतजार खत्‍म हुआ है.

 

बिहार में छठे चरण में शिक्षकों की बहाली हुई थी. इन शिक्षकों को नियुक्ति के बाद अब पहली बार एकमुश्त वेतन मिल सकेगा. शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण बैठक कर निर्णय लिया है कि राज्य में बहाल 42 हजार शिक्षकों को जल्द से जल्द वेतन भुगतान किया जाए. बैठक में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के अलावा माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा विभााग के निदेशक मौजूद थे. बता दें कि इसी साल फरवरी महीने से काम कर रहे शिक्षकों को अब तक एक बार भी वेतन नहीं दिया गया है. इसको लेकर शिक्षकों ने कई बार सरकार से पत्राचार भी किया था. टीचर्स ने आर्थिक तंगी और महंगाई का भी हवाला दिया था.

तत्‍काल वेतन भुगतान के पीछे यह वजह तो नहीं…

अब शिक्षकों की परेशानी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है. वहीं सूत्रों की माने तो सरकार ने वेतन भुगतान का फैसला तत्काल इसीलिए भी लिया है, ताकि इन शिक्षकों से जाति आधारित जनगणना का काम लिया जा सके. जातिगत जनगणना को लेकर सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाना है. वेतन भुगतान को लेकर अनुवर्ती कार्रवाई संबंधित नियोजन इकाई और शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी. इसको लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश द्वारा आदेश जारी किया गया है. उसकी प्रति प्रमंडलीय आयुक्त से लेकर सभी महापौर, जिलाधिकारी और नगर पंचायत कार्यालय को भेजी गई है.

 

सातवें चरण में शिक्षकों की नियुक्ति

इस बीच विभाग ने 30 सितंबर 2022 तक सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन का काम भी पूरा करने का लक्ष्य रखा है. यानी सत्यापन का काम जारी रहेगा, लेकिन इस बीच शिक्षकों को बकाया वेतन भी दिया जाएगा. शिक्षा विभाग के सामने अभी कई चुनौतियां और भी हैं, क्योंकि सातवें फेज की बहाली अब तक लंबित है और प्रारम्भिक यानी सीटेट, बीटेट से लेकर माध्यमिक यानि एसटेट अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में शिक्षा विभाग सातवें फेज की बहाली को लेकर जून के अंत तक महत्वपूर्ण बैठक कर सकता है.

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