HomeCricketअर्शदीप सिंह की मां बेटे को गेंदबाजी करते हुए नहीं देखती, वजह...

अर्शदीप सिंह की मां बेटे को गेंदबाजी करते हुए नहीं देखती, वजह जानकर आप सभी करेंगे सलाम

अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) के लिए पिछले कुछ महीने काफी कठिन रहे. टी20 एशिया कप के दाैरान उन्होंने आसिफ अली का कैच छोड़ दिया था. इसके बाद आसिफ ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान को जीत दिलाई. हार के बाद फैंस अर्शदीप को ट्रोल करने लगे थे और उन्हें खालिस्तानी तक कहा गया. लेकिन 23 साल के इस युवा तेज गेंदबाज ने इन सबको पीछे छोड़ते हुए अपने पहले वर्ल्ड कप को (T20 World Cup 2022) यादगार बनाया. पाकिस्तान के खिलाफ (IND vs PAK) उन्होंने 4 ओवर में 32 रन देकर 3 विकेट झटके. इसमें दुनिया के टी20 के नंबर-1 बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और धाकड़ बाबर आजम का विकेट भी शामिल है. उन्होंने टीम इंडिया की जीत में अहम रोल निभाया.

Arshdeep Singh

अर्शदीप सिंह के बेहतरीन प्रदर्शन पर उनके माता-पिता काफी उत्साहित हैं. उनकी मां बलजीत कौर बेटे को गेंदबाजी करते हुए कम ही देखती हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि यह तब से शुरू हुआ, जब से वह भारत के लिए खेलने लगा. मैच के दौरान या तो वे गुरुद्वारे में रहती हैं या गुरुनानक देव के सामने पूजा करती रहती हैं. बलजीत कौर ने कहा, ‘यह तब से शुरू हुआ, जब वह पहली बार भारत के लिए खेला. वह हमेशा सबसे कठिन ओवर फेंकता है. मैं खेल के बारे में अधिक नहीं जानती. लेकिन मैं बल्लेबाजों को उसके खिलाफ रन बनाते हुए नहीं देख सकती.’

 

आप इसे नहीं रोक सकते

अर्शदीप के माता-पिता को तब दुख होता है, जब खराब खेल के कारण सोशल मीडिया पर अर्शदीप सिंह का मजाक बनाया जाता है. पिता दर्शन सिंह ने कहा कि मैं इसे अनदेखा करने की कोशिश करता हूं. लेकिन वह (बलजीत) इसे दिल से लेती है. अगर इंटरनेट पर खराब बात लिखी जाती है, तो वह रोएगी. मैंने उसे कई बार कहा है, आप इसे रोक नहीं सकते. मालूम हो कि मैच में पाकिस्तान ने पहले खेलते हुए 159 रन बनाए थे. जवाब में टीम इंडिया ने लक्ष्य को अंतिम गेंद पर हासिल कर लिया था.

 

अर्शदीप के पिता ने कहा कि टी20 बल्लेबाजों का खेल है. यह हमेशा से रहा है, मैं खुद एक गेंदबाज हूं. हर दिन कोई अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता. एक खराब दिन भी आता है. उन्होंने कहा कि बड़े होकर अर्शदीप को प्रेरणा के लिए कहीं और देखने की जरूरत नहीं पड़ी. उसने मुझसे तेज गेंदबाजी की बारिकी सीखी. दर्शन अब भी अपने बेटे को मजाक में कहते हैं कि वह एक बेहतर गेंदबाज हैं. उन्होंने कहा कि अब भी मैं कॉर्पोरेट क्रिकेट खेलता हूं और मेरी इकोनॉमी 6 से कम की है.

Nikhil Pratap
Nikhil Prataphttps://bestresearch.in/
Nikhil Pratap is Editor Head of Best Research. He is Administrative Director who leads the Technology team at bestresearch.in. He is also media advisor at bestresearch.in. Contact: nikhil@bestresearch.in
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

close