एमएस धोनी के गोलकीपर से विकेटकीपर बनने की कहानी, एक कोच ने बदल दिया वर्ल्ड क्रिकेट का इतिहास

एमएस धोनी (MS Dhoni) ने भारतीय क्रिकेट को ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट को भी बहुत कुछ दिया है. आज का दिन उनके लिए खास है. 15 अगस्त 2020 को उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था. हालांकि तब तक वे इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा चुके थे. वे अभी भी टी20 लीग आईपीएल में खेल रहे हैं. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया (Team India) ने टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और आईसीसी चैंपियंस ट्राॅफी जीती. अब तक दुनिया का और कोई कप्तान तीनों ट्रॉफी नहीं जीत सका है. 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में खेली गई उनकी यादगार पारी आज भी सभी फैंस को याद है.

41 साल के धोनी स्कूल के समय फुटबाॅल टीम के गोलकीपर थे. स्कूल के टीचर ने उनके शानदार खेल को देखते हुए उन्हें फुटबॉल की जगह क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया. उसके बाद वर्ल्ड क्रिकेट में उन्होंने जो भी किया, आज सबके सामने हैं. धोनी ने जूनियर क्रिकेट में भी अपनी विकेटकीपिंग से सभी को प्रभावित किया, लेकिन जब इंटरनेशनल में आए, तो यहीं के होकर रह गए. इस नए नवेले खिलाड़ी को 2007 में सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में टीम की कमान दी गई थी. टूर्नामेंट के डेब्यू सीजन में उन्होंने ना सिर्फ टीम इंडिया को चैंपियन बनाया, बल्कि फाइनल सहित 2 बार पाकिस्तान को पटकनी भी दी.

 

दिसंबर 2004 में डेब्यू
एमएस धोनी ने दिसंबर 2004 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ वनडे खेलने का मौका मिला था. उन्होंने अंतिम मुकाबला जुलाई 2019 में वनडे वर्ल्ड कप में खेला था. 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में उनकी कप्तानी में टीम ने कई रिकॉर्ड भी बनाए थे. युवराज सिंह ने 6 गेंद पर 6 छक्के जड़े थे. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया. पाकिस्तान को 2 बार मात देकर फाइनल जीता. 2011 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराया. वहीं 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को मात दी थी.

 

सीएसके को दिलाए 6 खिताब
एमएस धोनी आईपीएल के भी सफलतम कप्तानों में से एक हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स को 4 बार 2010, 2011, 2018 और 2021 में आईपीएल का खिताब दिलाया. 2020 में खराब प्रदर्शन के बाद उनकी आलोचना हो रही थी. लेकिन 2021 में उन्होंने टाइटल जीतकर सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया. उनकी कप्तानी में चेन्नई ने 2 बार 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग टी20 का टाइटल भी जीता. उन्हें कई युवा खिलाड़ी तैयार करने का श्रेय भी दिया जाता है.

 

भारत के सबसे सफल कप्तान
एमएस धाेनी भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में एक हैं. तीनों फॉर्मेट को मिलाकर उनसे अधिक मुकाबले किसी ने नहीं जीते हैं. उन्होंने ओवरऑल 332 मैच में कप्तानी की. 178 में जीत मिली, जबकि 120 में हार. अन्य कोई भारतीय कप्तान 150 मैच में जीत नहीं दिला सका है. उन्होंने 60 टेस्ट में से 27, 200 वनडे में से 110 जबकि 72 टी20 में से 41 मैच में बतौर कप्तान जीत हासिल की है. वे टी20 और वनडे में आज भी भारत की ओर से सबसे अधिक मैच जीतने वाले कप्तान हैं.

 

धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 15 हजार से अधिक रन बनाए हैं. उन्होंने 90 टेस्ट में 38 की औसत से 4876 रन बनाए. 6 शतक और 33 अर्धशतक लगाया. वहीं वनडे की बात करें, तो उन्होंने 350 मैच में 51 की औसत से 10773 रन बनाए. 10 शतक और 73 अर्धशतक जड़ा. टी20 इंटरनेशनल के 98 मैच में 1617 रन बनाए. 2 अर्धशतक लगाया. वे ओवरऑल टी20 में 7 हजार से अधिक रन बना चुके हैं. वे इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर सबसे अधिक शिकार करने के मामले में तीसरे और बतौर भारतीय पहले नंबर पर हैं. उन्होंने 634 कैच पकड़े और 195 स्टंपिंग की.

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