Robin Uthappa ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, 20 साल के करियर को दिया विराम; अब IPL भी नहीं खेलेंगे

इंडियन क्रिकेटर Robin Uthappa ने आज यानि 14 सितंबर को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. उथप्पा ने 15 अप्रैल, 2006 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी. इंदौर में हुए अपने डेब्यू मैच में रॉबिन ने ओपनिंग करते हुए 86 रन की पारी खेली थी. उथप्पा ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट के जरिए प्यार और सम्मान के लिए सभी का आभार जताया है. रॉबिन उथप्पा ने आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते थे और व्हाइट बॉल क्रिकेट दोनों प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने देश के लिए आखिरी मैच 2015 में खेला था.

Robin Uthappa

उन्होंने उन्होंने ट्वीट किया, “अपने देश और अपने राज्य, कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान रहा है. हालांकि, सभी अच्छी चीजों का अंत होना चाहिए. कृतज्ञ हृदय के साथ मैंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है.” रॉबिन उथप्पा टी20 विश्व कप 2007

उनके करियर की शुरुआत 50 ओवर के एक दिवसीय मैचों से से हुई, उन्होंने गुवाहाटी में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण किया. वह 46 एकदिवसीय मैचों में खेले, जिसमें उन्होंने कुल 934 रन बनाए, जिसमें 86 उनका सर्वोच्च स्कोर था. उथप्पा ने 13 T20I में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां उन्होंने 118.01 के स्ट्राइक-रेट से 249 रन बनाए.

 

तीन IPL टीमों के लिए खेले Robin Uthappa

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उथप्पा का करियर कुछ वर्षों के बाद फीका पड़ गया और उन्हें नेशनल टीम में जगह नहीं मिली. उन्होंने आखिरी एकदिवसीय मैच 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था, जहां उन्होंने 44 गेंदों में 31 रन बनाए थे. हालांकि, उथप्पा ने घरेलू प्रतियोगिताओं और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलना जारी रखा. उन्होंने टी20 टूर्नामेंट में तीन फ्रेंचाइजी – कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व किया.

 

उथप्पा ने कुल 205 आईपीएल मैच खेले, जिसमें उन्होंने 130.35 के स्ट्राइक रेट से 4952 रन बनाए, जिसमें 27 अर्धशतक भी शामिल हैं.

 

2007 टी-20 वर्ल्ड कप का थे हिस्सा

उथप्पा 2007 में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा थे. भारत ने ये वर्ल्ड कप महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीता था. रॉबिन ने पाकिस्तान के खिलाफ टाई हुए मुकाबले के बाद जब बॉल-आउट हुआ था. तब उन्होंने सहवाग और हरभजन के साथ थ्रो किया था. जिससे टीम इंडिया को जीत मिली थी. इसके साथ ही आईपीएल 2012, 2014 के विजेता कोलकाता नाइट राइडर्स और 2021 की विजेता चेन्नई टीम के सदस्य रहे. इसके साथ ही रणजी ट्रॉफी 2013-14 और 2014-15 के साथ ही विजय हजारे ट्रॉफी 2013-14 और 2014-15 और ईरानी कप 2013-14 और 2014-15 का खिताब जीतने वाली कर्नाटक टीम के सदस्य रहे.

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