कान्हा को किसने पहली बार दी थी बांसुरी, दिलचस्प है यह रोचक कहानी

पूरे देश में आज धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. कृष्ण जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. भगवान श्रीकृष्ण को उनकी बांसुरी की वजह से जाना जाता है. उनकी बांसुरी बजाते हुए छवि भक्तों का मन मोह लेती है. हालांकि बेहद कम लोग इस बात को जानते है कि श्रीकृष्ण को बांसुरी किसने दी थी. आज कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हम आप को इस बारे में बताएंगे:

 

इस तरह से मिली थी बांसुरी

द्वापर युग में भगवान विष्णु ने भगवान श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था. इस दौरान देवी-देवता अलग-अलग भेष बदलकर धरती पर उन्हें देखने के लिए आने लगे थे. इस दौरान भगवान शिव ने भी भगवान श्रीकृष्ण से मिलने की सोची थी, इस दौरान उनके मन में ये सवाल उठा कि वो उनसे मिलने के दौरान उनके लिए क्या उपहार लेकर जाए. तभी उन्हें याद आया कि उनके पास ऋषि दधीचि की महाशक्तिशाली हड्डी पड़ी है. जिसके बाद भगवान शिव ने उसी हड्डी की मदद से बांसुरी का निर्माण किया. इसके बाद वो गोकुल पहुंचे और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को भेंट के रूप में वो बांसुरी दे दी.

 

गौरतलब है कि धर्म की रक्षा के लिए लिए ऋषि दधीचि ने अपने शरीर की हड्डियों को दान में दे दिया था. जिसके बाद भगवान विश्वकर्मा ने इनकी मदद से धनुष- पिनाक, गांडीव, शारंग का निर्माण किया था. इसके अलावा इंद्र के लिए व्रज का निर्माण भी ऋषि दधीचि की हड्डियों से हुआ है.

 

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Source: zee media

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