बनारस घूमने आए अफ्रीकन कपल को भारतीय संस्कृति से हुआ प्यार तो हिन्दू रीति से रचा ली शादी

यूपी के जौनपुर के ऐतिहासिक त्रिलोचन महादेव मंदिर में भारत घूमने आए अफ्रीकन कपल ने हिन्दू रीति रिवाज से शादी रचा ली. अग्नि को साक्षी मानकर मंत्र उच्चारण कर दोनों ने सात फेरे लिए. भारतीय वेशभूषा में अफ्रीकन कपल ने सात जन्म तक साथ निभाने का वचन भी एक- दूसरे को दिया.

 

जानकारी के मुताबिक अफ्रीकन मूल के कियमाह दिन खलीफा अपनी प्रेमिका केशा खलीफा के साथ भारत घूमने आए हुए हैं. कियमाह पेशे से बिजनेसमैन हैं. पिछले 18 साल से वो अपनी प्रेमिका केशा खलीफा के साथ रिलेशनशिप में हैं. इनके बच्चे भी हैं. पिछले 5 साल से दोनों वाराणसी घूमने आते रहे हैं. घाट पर घूमने के दौरान इन्हें भारतीय संस्कृति से लगाव हो गया.

 

काशी घूमने के दौरान इन्होंने अपने गाइड राहुल दुबे से किसी ज्योतिष से मिलाने की इच्छा जाहिर की. गाइड ने ज्योतिषी से मिलवाया. ज्योतिषी ने कियमाह और केशा की कुंडली तैयार की. इसके बाद दोनों ने हिंदू परंपरा से शादी करने का फैसला किया. शादी करने के लिए दोनों गत शनिवार को अपने गाइड के साथ वाराणसी के कैथी मंदिर पहुंचे थे. लेकिन कैथी मंदिर में विवाह कार्य पित्र पक्ष के चलते बन्द है. गाइड ने इन्हें जौनपुर के ऐतिहासिक त्रिलोचन महादेव मंदिर के बारे में बताया. फिर दोनों त्रिलोचन महादेश मंदिर पहुंचकर शादी रचाई.

त्रिलोचन महादेव मंदिर के प्रबंध पुजारी ने बताया कि दोनों आपस में पहले से कपल हैं और हिंदू संस्कृति को पूरी तौर पर समझना और देखना चाहते थे, लिहाजा दोनों ने यहां पहुंचकर मंदिर में हिन्दू रीति रिवाज से शादी रचाई. कियमाह हल्के गुलाबी रंग के कुर्ते और सफेद पैजाम पहने थे, जबकि दुल्हन केशवा ने केसरिया और लाल बॉर्डर की साड़ी पहन रखी थी. हिंदू रीति-रिवाज से दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए. पुजारियों ने बताया कि मंदिर परिसर में शादी की रस्म लगभग 2 घंटे तक चली. शादी की रस्म पूरी होने के बाद केशवा ने पति के पैर छूकर आशीर्वाद लिये. फिर दोनों बनारस के लिए रवाना हो गये.

 

हालांकि पितृ पक्ष में मंदिर में विदेशी कपल की शादी कराने को लेकर पुजारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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