नीतीश सरकार की इस विशेष योजना से 5 लड़कियां बनीं IAS, जानिये कैसे उठाएं लाभ

मुंगेर की अंशु प्रिया 16वीं रैंक, सहरसा की शैलजा 83वीं रैंक, मुजफ्फरपुर की शिवानी 122वीं रैंक, पटना की प्रिया रानी 284वीं रैंक और कैमूर की साक्षी कुमारी 330वीं रैंक. इन सभी ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है. 30 मई को घोषित हुए यूपीएससी परीक्षा परिणाम के संदर्भ में इन पांचों प्रतिभाशाली बेटियों में बिहार का होने के साथ ही एक बात और कॉमन है. इन सभी ने बिहार सरकार की मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ लिया है और देश की सबसे कठिनतम मानी जाने वाली यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है.

 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है. इसके तहत यूपीएससी या बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली महिला उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक हरजोत कौर बम्हरा के अनुसार, पहले केवल अनुसूचित जाति व जनजाति (एससी/एसटी) की छात्राओं को इस योजना के तहत एक लाख रुपये मिलते थे. मगर अब इस साल से सामान्य और पिछड़ा वर्ग की लड़कियों को भी योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ है.

वर्ष 2021 में इस योजना के तहत कुल 22 महिला उम्मीदवार राज्य सरकार के इस नकद प्रोत्साहन का लाभ उठा रही थीं. विशेष बात यह है कि पहली बार में 22 अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत हुए थे जिनमें 5 ने सफलता प्राप्त की है. बता दें कि इस योजना के तहत उन सभी महिला उम्मीदवारों को 50,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है जो राज्य सिविल सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षाओं में सफल होती हैं. केंद्रीय सिविल सेवा परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है.

 

एकमुश्त मिलती है राशि

महिला एवं बाल विकास की प्रबंध निदेशक हरजोत कौर बम्हरा के अनुसार, इस योजना में सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग की उन महिलाएं को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जिन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी एग्जाम) पास की है. इसकी सहायता राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाती है ताकि उसे मुख्य परीक्षा की तैयारी में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो.

 

इन्हें मिलेगा लाभ

बिहार मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना 2022 के माध्यम से नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2022 (Bihar Civil Seva Protsahan Yojana 2022) में उत्तीर्ण होने वाले बिहार राज्य के अधिसूचित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी को 1,00,000/- (1 लाख रूपए) प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.

सामान्य वर्ग की महिला भी अब इसका लाभ उठा सकती हैं सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म जारी कर दिया गया है.
Bihar Civil Seva Protsahan Yojana 2022 के तहत अल्पसंख्यक समाज के विद्यार्थी भी लाभान्वित हो सकेंगे.
बिहार सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना 2022 के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मदद मिलेगी.
Bihar Civil Seva Protsahan Yojana 2022 के द्वारा विद्यार्थी को आर्थिक तौर पर सशक्त करना है.

 

पात्रता की शर्तें

मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना (Bihar Civil Seva Protsahan Yojana) 2018 में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई है. इस योजना के बारे में अहम जानकारी यह है कि इसका लाभ उन्हें ही मिलता है जो बिहार का निवासी हों. आवेदन करने के लिए आवेदिका के पते का सबूत, पहचान का प्रमाण आवश्यक है. इसके साथ ही आवेदिका का स्वयं का बैंक खाता और आधार होना भी जरूरी है. ऑनलाइन आवेदन https://fts.bih.nic.in/swdscholarship/default.html इस लिंक के माध्यम से किया जा सकता है.

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