शर्मनाक: तीन साल की बच्ची से रेप, इलाज और न्याय के लिए थाना-अस्पताल भटकता रहा परिवार

सदर अनुमंडल के गम्हरिया थाना और सिंहेश्वर प्रखंड में 25-26 मई की रात एक तीन साल की बच्ची से हुए दुष्कर्म का खुलासा लगभग 72 घंटे बाद हुआ है. इस दौरान पीड़ित बच्ची को लेकर उसके पिता अस्पताल-अस्पताल और थाना-थाना भटकते रहे लेकिन कोई नहीं सुना. संयोग से स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस भयावह घटना की जानकारी मीडिया को दी जिससे बच्ची का इलाज संभव हो पाया.

 

मधेपुरा की घटना दिल दहलाने वाली है. जितना दोष इस घटना को अंजाम देने वाले दरिन्दों का है उससे कम हमारे सिस्टम का भी नहीं है. 72 घंटे से दुष्कर्म पीड़िता 3 साल की बच्ची इलाज और न्याय के लिए भटकती रही. बच्ची अपने दादा और बुआ के साथ दरवाजे के मचान पर सो रही थी. इस दौरान तीन वर्षीय बच्ची को अज्ञात वहसी दरिंदे ने उठाकर घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर ले गए और एक बांस बाड़ी में दुष्कर्म किया. जब सुबह गांव की महिलाएं शौच के लिए गयीं तो बच्ची बेहोशी की हालत में वहां खून से लथपथ मिली.

 

जब इसकी सूचना परिजनों को मिली तो परिवार के लोग कुछ समझ नहीं पाए. उठा कर उसे घर लाया गांव के डॉक्टर से ही उसका इलाज करवाया जिसके बाद परिवार वाले उसे गम्हरिया थाना ले गए जहां से उसे लौटा दिया गया. पीड़ित बच्ची के पिता की मानें तो थाने से उसे लौटा दिया गया फिर अगले दिन 27 मई को वह बच्ची को इलाज के लिए जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज ले गए लेकिन वहां भी उसको भर्ती नहीं लिया गया और कहा गया कि पहले पुलिस केस करा कर आओ.

 

बच्ची का पूरा कागज भी वहीं रख लिया गया. इसके बाद बच्ची को लेकर परिजन सिंहेश्वर पीएचसी गए जहां मीडियाकर्मियों की पहल पर उसका प्राथमिक उपचार किया गया और बेहतर इलाज के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया. बच्ची जख्म से बेहाल है और उसके माता-पिता गरीब है. प्राइवेट अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते तो वहीं सरकारी अस्पताल बिना एफआईआर का इलाज करने को तैयार नहीं. जब इस बात की जानकारी गावं के जनप्रतिनिधियों को लगी तो उन लोगों ने मीडिया वालों को जानकारी दी जिसके बाद बच्ची को इलाज के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेजा गया जहां इसका इलाज चल रहा है… स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए चिंता व्यक्त किया है.

 

बच्ची के स्वास्थ्य के सम्बन्ध में मधेपुरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि बच्ची को गंभीर अंदरूनी जख्म है. महिला चिकित्सक फिलहाल उनका इलाज कर रही है. बच्ची की हालत स्थिर है. इस बात की जानकारी जब मधेपुरा एसपी को मोबाइल पर दी गयी तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए गम्हरिया थाना अध्यक्ष को मधेपुरा पहुंचने और बच्ची और परिवारवालों का बयान दर्ज कर अनुसंधान शुरू करने का आदेश दिया.

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