बिहार को वंदे भारत ट्रेन की सौगात! 6-8 घंटे कम हो जाएगी पटना से दिल्ली की दूरी, जानिए रूट

बिहार के लोगों को भारतीय रेलवे की ओर से बड़ी सौगात मिलने वाली है. बता दे कि इस साल के अंत तक भारतीय रेलवे की ओर से देश के 27 रूटों पर 18 वंदे मातरम ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है. इस तैयारी के दौरान जिन रूटों का चयन किया गया है उनमें पहले फेज में पटना-काशी-दिल्ली शामिल है. रेलवे के द्वारा चलाये गए इस बंदे मातरम एक्सप्रेस से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी सुबिधा मिलेगीं. वैसे यात्री जो दिल्ली जाना चाहते है वे महज सिर्फ बारह घंटो के बदले सिर्फ पांच घंटो में दिल्ली पहुँच जायेंगे.

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेन उन लोगों को बेहतर विकल्प देगी जो यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा चाहते हो. उन्होंने बताया कि इस ट्रेन में लोगों को कई तरह की सुबिधायें दी जाएँगी और साथ ही सभी यात्रियों का काफी समय भी बचेगा. हालांकि अभी तक अधिकारियों के द्वारा ट्रेन के किराये को लेकर कुछ नही कहा गया हैं

 

जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे की ओर से चलाई जा रही पहली वंदे भारत ट्रने दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाई गई. 15 फरवरी 2019 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन किया गया था. जिसके बाद इस ट्रेन को व्यावसायिक परिचालन के रूप में 17 फरवरी 2019 को शुरू कर दी गयी. वहीं अभी इस ट्रेन का परिचालन दिल्ली और जम्मू के बीच किया जा रहा है. अंबाला रूट पर ट्राइल चल रहा है और साथ ही यह फैसला लिया जा रहा की इस ट्रेन का परिचालन अब मुंबई और अहमदाबाद के बीच भी शुरु कर दी जाए.

 

बुलेट ट्रेन को भी देती है मात

रेलवे सूत्रों की माने तो यह ट्रेन कई मामलों में बुलेट ट्रेन को भी मात देती है। भारतीय रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक वंदे भारत ट्रेन जीरो से सौ किलोमीटर की रफ्तार तक पहुंचने में कुछ ही सेकेंड लगता है।

यह ट्रेन 54 सेकंड का समय में जीरो से 100 की स्पीड में पहुंच जाती है, जबकि दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली बुलेन ट्रेन को यह दूरी तय करने में 55.4 सेकेंड लग जाता है।

 

अपग्रेडेड वर्जन स्पीड होगी 260 किमी प्रतिघंटा

रेलवे के अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत ट्रेन काफी अपग्रेडेड है। इसी खासियत के कारण इस ट्रने की रफ्तार दूसरे ट्रेनों से काफी तेज है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस ट्रेन के 16 डब्बों में से पांच में मोटर लगी होती है। स्वचलित मोटरों की मदद से ही त्वरित रफ्तार अधिक होती है।

बुलेट ट्रेन के आगे लगे एक इंजन पर वंदे भारत के पूरे ट्रेन में लगी 20 मोटर से ज्यादा कारगर होती है। मौजूदा समय में वंदे भारत ट्रेन की स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है। चरणबद्ध तरीके से साल 2025 तक अपग्रेडेड वर्जन अब 260 किमी प्रतिघंटा से दौड़ेगी।

 

वंदे भारत एक्सप्रेस की खासियत

वंदे मातरम् ट्रेन में कुछ खासियत है जो इसे दुसरे ट्रेनों से अलग बनाती हैं. जानकारी के लिए बता दे कि इस ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच लगाए जाएंगे, जिससे एक ही स्थान से पूरी ट्रेन पर नजर रखी जा सकेगी और ट्रेन में मौजूद सारे सिस्टम की निगरानी की जाएगी. यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकुलित ट्रेन हैऔर आने वाले अपग्रेडेड वर्जन में इस ट्रेन का कोच बैक्टिरिया फ्री एयर कंडीशनिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा. इसमें लोगों के बैठने की भी सहूलियत का ख़ास ध्यान दिया जायेगा. रेलवे के द्वारा इस ट्रेन में सिक्यूरिटी का भी पूरा ध्यान रखा गया है. इसमें सिक्यूरिटी फीचर के साथ चार इमरजेंसी विंडो का भी निर्माण किया जायेगा.

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