दिल्‍ली पुलिस की पूछताछ में आतंकवादी अशरफ ने किए कई बड़े खुलासे, सामने आया बिहार कनेक्‍शन

पाकिस्तानी आतंकी मोहम्‍मद अशरफ उर्फ अली (Pakistani Terrorist Mohammad Ashraf) ने द‍िल्‍ली पुल‍िस की स्‍पेशल सेल की पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं. आतंकी ने स्‍पेशल सेल को बताया कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर दावते-ए-इस्लामी नाम के संस्था से जुड़ा था. साथ ही बताया कि वह इसी संस्था के लिए देश के कई राज्यों में जाता था और तकरीर देता था. जबकि पूछताछ में बिहार कनेक्शन के बारे में भी खुलासा हुआ है. वहीं, दिल्‍ली पुलिस अशरफ के मामले में बिहार के रहने वाले कई लोगों का बयान दर्ज करने वाली है.

 

इसके अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पाकिस्तान मूल के स्लीपर सेल मोहम्‍मद अशरफ ने बताया कि वह नूर आलम के साथ पहली बार बिहार के गया गया था. इसके बाद वह बिहार के अररिया और किशनगंज में रुका था. यही नहीं, इस दौरान नूर आलम के एक परिचित ने किशनगंज के एक सरपंच ने उसका पहचान पत्र बनवाया था.

 

भारत की पहचान बना विदेशों की यात्रा की
इसके साथ दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल की पूछताछ में अशरफ ने बताया कि बिहार में बने पहचान पत्र के माध्यम से ही उसने दिल्‍ली से अन्य दस्तावेजों सहित पासपोर्ट बनवाया था. जबकि इस पासपोर्ट के सहारे वह तकरीर देने के नाम पर नेपाल, यूएई और थाईलैंड जैसे देशों की यात्रा भी कर चुका है.

 

बांग्‍लादेश के रास्‍ते भारत में की थी एंट्री
पाकिस्‍तानी आतंकी अशरफ ने पूछताछ में बताया कि वह साल 2005 में बांग्लादेश के रास्ते बिहार पहुंचा था. इसके बाद उसकी वहां नूर आलम से दोस्ती हुई थी. वहीं, भारत का पहचान पत्र बनवाने के बाद उसने बाद में देश की राजधानी दिल्ली समेत बिहार, आंध प्रदेश ,उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का दौरा किया था. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के निवासी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली को पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था और पुलिस ने उसके पास से हथियार तथा गोलाबारूद बरामद किये थे.

 

वहीं, आतंकी अशरफ की तरफ से किये गए खुलासे के बाद एक बार फिर से बिहार पुलिस की खुफिया विभाग पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह है कि आखिर बिहार पुलिस की इंटेलिजेंस एजेंसियां बार-बार फेल क्यों हो जाती हैं.

 

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Source : News18

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